उन्नाव रेप केसः भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर पर आज आ सकता है फैसला

Monday, 16 December 2019 07:55 Written by  Published in सभी खबरे Read 200 times

तीस हजारी स्थित जिला जज धर्मेश शर्मा ने 10 दिसंबर को सीबीआई और आरोपी का पक्ष सुनने के बाद कहा था कि वह 16 दिसंबर को मामले में अपना फैसला सुना सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर इस मामले को लखनऊ से दिल्ली स्थानांतरित किए जाने के बाद न्यायाधीश शर्मा ने पांच अगस्त से दिन-प्रतिदिन के आधार पर मुकदमे की सुनवाई की। भाजपा से निष्कासित विधायक सेंगर पर 2017 में एक नाबालिग का अपहरण करने और उससे दुष्कर्म करने का आरोप है। इस मामले में सह आरोपी शशि सिंह पर भी मुकदमा चल रहा है। इस मामले में पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए एम्स में विशेष अदालत लगाई गई थी।

9 अगस्त को आरोप तय हुआ

विशेष अदालत ने इसी साल 9 अगस्त को सेंगर व अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए अभियोग तय किया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त साक्ष्य है।

इन धाराओं में मुकदमा

विशेष अदालत ने सेंगर के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 363 (अपहरण), 366 (जबरन शादी करने के लिए अपहरण), 376 (दुष्कर्म) और बच्चों को यौन उत्पीड़न से संरक्षण के लिए बने पॉक्सो की धारा के तहत मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय किया गया था।

पीड़िता के पिता की हत्या का भी आरोप

दुष्कर्म के मामले में आरोपी विधायक पर पीड़िता के पिता की हत्या करवाने का भी आरोप है। आरोप है कि आरोपी सेंगर के इशारे पर पीड़िता के पिता को अवैध हथियार रखने के मामले में फंसाया गया और उन्हें 3 अप्रैल 2018 को गिरफ्तार किया गया। इसके कुछ ही दिन बाद पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की मौत हो गई। इस मामले में सीबीआई ने सेंगर व अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।

सभी मामले दिल्ली स्थानांतरित हुए

सर्वोच्च न्यायालय ने इसी साल एक अगस्त को उन्नाव दुष्कर्म से जुड़े सभी पांच मामलों की सुनवाई दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले मामले की सनुवाई लखनऊ की अदालत में हो रही थी। साथ ही 45 दिन में मामले की सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया।

ट्रक हादसे में पीड़िता जख्मी

इस साल 28 जुलाई को पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में पीड़िता गंभीर रूप से जख्मी हो गई और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर उसे इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से दिल्ली स्थित एम्स में लाया गया। इस हादसे में पीड़िता की दो महिला रिश्तेदार की मौत हो गई।  घटना के बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पीड़िता के परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई।