प्रयास

प्रयास (3)

दयानन्द बृजेन्द्र स्वरूप कालेज कानपुर द्वारा दिनांक 14 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन गूगल मीट पर किया गया | 

इस अवसर पर प्रो. पी नाग - पूर्व कुलपति - महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ , वाराणसी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई तो वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में चन्द्र शेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री डॉ हरीश सिंह तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में भारत सरकार के रिसर्च ऑफिसर डॉ बिनोद कुमार सिंह ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई | रोचक जानकारियों के प्रचार-प्रसार हेतु डी.बी.एस. कालेज के प्रयासों को सराहते हुए सभी ने सभी ने “ कोरोना काल में वैश्विक जनसंख्या पर प्रभाव ” विषय पर अपना वक्तव्य दिया |

मुख्य अतिथि प्रो. पी  नाग ने कहा – अनुमानित है कि भारत 2021 कि जनगाड़ना में जन्म दर , जनसंख्या वृद्धि दर तथा प्रजनन दर में काफी कमी आएगी |  कोरोना के कारण बड़ी संख्या में कामगार श्रमिकों और प्रवासीय भारतीय नागरिकों का अपने अपने पैतृक क्षेत्र में घर वापसी तथा उससे उत्पन्न समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुआ कहा कि हम सब नागरिकों को इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए प्रयास करने होंगे |

विशिष्ट अतिथि डॉ हरीश सिंह ने कहा – कोरोना काल में उत्पन्न खाद्य संकट को व्यवस्तिथ करने के उपायों के साथ आने वाले समय में खाद्य संकट न हो इसके लिए भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और इस समस्या को समाधान की ओर ले जाने के लिए प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए  उसको निभाने का आग्रह किया |

मुख्य वक्ता डॉ बिनोद सिंह ने कहा – भारत की जनसंख्या के विभिन्न पहलूओं पर अपने प्रेसेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी | उन्होने बताया कि कोरोना कि वजह से एक करोंड़ तीस लाख लोग प्रभावित जिसमें भारत तीसरे स्थान पर है |

जिसके बाद चर्चा का हिस्सा रहे 600 से अधिक छात्रों में से कई जिज्ञासु छात्रों ने बड़ी बेबाकी के साथ अपने सवाल वक्ताओं के समक्ष रखे | इस आयोजन की आयोजिका भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रंजना श्रीवास्तव थीं तथा कार्यक्रम का शानदार संचालन विभाग की शिक्षिका डॉ. अनीता निगम ने किया तो वही विभाग के शिक्षक डॉ आर.के मिश्रा ने शुक्रिया संदेश के जरिए कार्यक्रम का समापन किया| इस कार्यक्रम में दयानन्द शिक्षण संस्थान के सचिव डॉ नागेंद्र स्वरूप , कालेज के प्रधानाचार्य-डॉ सी.एस. प्रसाद , आयोजन सचिव – डॉ. गौतम हाल एवं डॉ अनीता निगम तथा आयोजन सह सचिव – डॉ दुर्गेश सिंह एवं डॉ के.सी. त्रिपाठी के साथ महाविद्यालय तथा प्रदेश के अन्य प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे |

दयानन्द बृजेन्द्र स्वरूप कालेज कानपुर द्वारा दिनांक 14 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन गूगल मीट पर किया गया | 

इस अवसर पर प्रो. पी नाग - पूर्व कुलपति - महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ , वाराणसी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई तो वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में चन्द्र शेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री डॉ हरीश सिंह तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में भारत सरकार के रिसर्च ऑफिसर डॉ बिनोद कुमार सिंह ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई | रोचक जानकारियों के प्रचार-प्रसार हेतु डी.बी.एस. कालेज के प्रयासों को सराहते हुए सभी ने सभी ने “ कोरोना काल में वैश्विक जनसंख्या पर प्रभाव ” विषय पर अपना वक्तव्य दिया |

मुख्य अतिथि प्रो. पी  नाग ने कहा – अनुमानित है कि भारत 2021 कि जनगाड़ना में जन्म दर , जनसंख्या वृद्धि दर तथा प्रजनन दर में काफी कमी आएगी |  कोरोना के कारण बड़ी संख्या में कामगार श्रमिकों और प्रवासीय भारतीय नागरिकों का अपने अपने पैतृक क्षेत्र में घर वापसी तथा उससे उत्पन्न समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुआ कहा कि हम सब नागरिकों को इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए प्रयास करने होंगे |

विशिष्ट अतिथि डॉ हरीश सिंह ने कहा – कोरोना काल में उत्पन्न खाद्य संकट को व्यवस्तिथ करने के उपायों के साथ आने वाले समय में खाद्य संकट न हो इसके लिए भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और इस समस्या को समाधान की ओर ले जाने के लिए प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए  उसको निभाने का आग्रह किया |

मुख्य वक्ता डॉ बिनोद सिंह ने कहा – भारत की जनसंख्या के विभिन्न पहलूओं पर अपने प्रेसेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी | उन्होने बताया कि कोरोना कि वजह से एक करोंड़ तीस लाख लोग प्रभावित जिसमें भारत तीसरे स्थान पर है |

जिसके बाद चर्चा का हिस्सा रहे 600 से अधिक छात्रों में से कई जिज्ञासु छात्रों ने बड़ी बेबाकी के साथ अपने सवाल वक्ताओं के समक्ष रखे | इस आयोजन की आयोजिका भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रंजना श्रीवास्तव थीं तथा कार्यक्रम का शानदार संचालन विभाग की शिक्षिका डॉ. अनीता निगम ने किया तो वही विभाग के शिक्षक डॉ आर.के मिश्रा ने शुक्रिया संदेश के जरिए कार्यक्रम का समापन किया| इस कार्यक्रम में दयानन्द शिक्षण संस्थान के सचिव डॉ नागेंद्र स्वरूप , कालेज के प्रधानाचार्य-डॉ सी.एस. प्रसाद , आयोजन सचिव – डॉ. गौतम हाल एवं डॉ अनीता निगम तथा आयोजन सह सचिव – डॉ दुर्गेश सिंह एवं डॉ के.सी. त्रिपाठी के साथ महाविद्यालय तथा प्रदेश के अन्य प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे |

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल का रंगारंग शुभारंभ
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अवाम का सिनेमा
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- अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने तीन दिवसीय आयोजन का किया उद्घाटन
- सिनेमा के सरोकारी स्वरूप पर आधारित सिनेमा का हुआ प्रदर्शन
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अयोध्या : अवध विश्वविद्यालय में 13 वें अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल का रंगारंग शुभारंभ किया गया। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने दीप प्रज्ज्वलन कर आयोजन का औपचारिक उद्घाटन किया। समारोह में इसके बाद फिल्मों के प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा।
अपने सम्बोधन में कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि मुम्बई के सिनेमा के आयोजनों में जो उत्साह है वह छोटे शहरों में नजर नही आता मगर इससे हौसला कम नही होना चाहिए। यह मौका है छोटे शहरों से जुड़े युवाओं को आगे आने का। यकीनन 'अवाम का सिनेमा' जैसे आयोजन छोटे शहरों में सरोकारी सिनेमा के बारे में बेहतर समझ पैदा करने में सफल होंगे।
समारोह में मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। देशभक्ति से ओत प्रोत प्रस्तुति से सभागार तालियों से गूंज उठा।

13 वां आयोजन : अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल का यह 13 वां आयोजन है। इससे पूर्व देश भर के विभिन्न स्थलों में यमुना चंबल के बीहड़ों से लेकर कारगिल तक सिनेमा का यह शुरू हुआ सफर एक बार फिर अयोध्या आ पहुंचा है। आयोजन के जरिये देश विदेश की दर्जनों फिल्में दर्शकों तक पहुंच रही हैं। समारोह के अब अगले दो दिनों तक भी कई सरोकारी फिल्मों का सिलसिला जारी रहेगा।

पहले दिन फिल्मों का हुआ प्रदर्शन: बच्चों संग बुजुर्गों के रिश्तों पर आधारित फिल्म 'वो पल' के प्रदर्शन के साथ फिल्मों के प्रदर्शन का दौर शुरू हुआ। फ़िल्म में मासूम बच्चे का परिवार के बुजुर्गों को ओल्ड एज होम भेजने पर अचानक बदल जाने वाले व्यवहार को प्रदर्शित किया गया।
'कैफे ईरानी' चाय फ़िल्म के जरिये हिंदुस्तान में पल रही ईरानी चाय की सभ्यता और संस्कृति के बीच बॉलीवुड संग फ़ूड कल्चर की जानकारी दी गई। फ़िल्म में ईरानी खानपान संग भारतीय खाने के समन्वय की शोध परक वृत्तचित्र ने दर्शकों की वाहवाही लूटी।
समारोह में तीसरी फिल्म तारा के जरिये स्त्री के संघर्षों को प्रदर्शित किया गया।
इसके अलावा बंकर, बूगी मैन, रिसाइकिल, साइलेंट टाईज, फोक टेल, बिस्कुट, एपल, एम.ओ.एम., याद, अदनान फार फ्रॉम होम आदि फिल्में भी पहले दिन के आयोजन में दिखाई गईं।

पहले दिन रही उपस्थिति : कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित, कर्नल आर. के. गुप्ता, डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी, शालिनी जेम्स, सूबेदार चंद्रभान सिंह, हिमांशु शेखर पारिदा, इं. राज त्रिपाठी, ओम प्रकाश सिंह, संगीता आहूजा, शक्ति सिंह, डॉ. आर. एन. पांडे, अंकित कुमार, डॉ. एस. एन. शुक्ला, गणेश सिंह आदि मौजूद रहे।

आयोजन के दूसरे दिन की फिल्में : साइलेंट, मास्साहब, लव इस्टोरी, घोस्ट ऑफ मेथड एक्टिंग, द जर्नी ओर आज़ाद, साहो, व्हाट इस योर लिमिट, द फर्स्ट एंड लास्ट टाइम, शी, आदि मा गोमती उद्गम, भाषण द इमर्शन मसाला स्टेप, कुकली, सफोकेशन, चियर्स ओरियो एंड मेरीगोल्ड, मींडम, द हैट।

आयोजन में शामिल होंगी हस्तियां : अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के 13 वें संस्करण के दूसरे दिन तेलुगु व हिंदी फिल्मों के कलाकार आदित्य ओम फ़िल्म निर्माण पर दर्शकों संग बातचीत करेंगे।
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फ़िल्म समारोह के अगले दो दिनों तक फिल्मों का प्रदर्शन जारी रहेगा। समापन समारोह तक सिनेमा और साहित्य जगत के लोगों का आयोजन से जुड़ाव होता रहेगा। स्थानीय स्तर पर फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने में यकीनन यह आयोजन सफल साबित होगा। - शाह आलम, आयोजक, अवाम का सिनेमा।