जामिया विश्वविद्यालय में पुलिसिया बर्बरता , घायल छात्र - जख्मी जनता - आंदोलन और जनआक्रोश Featured

Monday, 16 December 2019 08:49 Published in मुद्रा

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया के छात्रों पर फिर से पुलिस का कहर टूटा | पुलिस ने जामिया में घुसकर यूनिवर्सिटी का गेट बंद कर दिया फिर लाठीचार्ज किया , कई छात्र ज़ख्मी हुए हैं | जामिया के चीफ प्रोक्टर ने बताया कि पुलिस बिना अनुमति कैम्पस में जबरन घुसी और स्टाफ और स्टूडेंट्स को मारा और उन्हें कैम्पस छोड़ने के लिए कहा |

पुलिस ने छात्रों के साथ स्थानीय नागरिकों को भी मारा, यहाँ तक कि पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा , बीबीसी की पत्रकार बुशरा शेख ने कहा -“मैं बीबीसी की तरफ से जामिया कवर करने आई थी | पुलिस ने मेरा फोन छीनकर तोड़ दिया | मर्द पुलिसवाले ने मेरे बाल खींचे | पुलिस ने बैटन से मारा और मुझे गालियां दी | मैं यहाँ मज़े करने नहीं आई थी | मैं प्रदर्शन कवर करने आई थी|” 

करीब डेढ़ सौ से ज्यादा पुलिस वालों ने यूनिवर्सिटी में घुसकर गेट बंद कर दिया ताकि छात्र बाहर न भाग सकें, फिर कई आंसू गैस के गोले दागे | खबरों के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अलावा स्थानीय लोगों पर भी लाठीचार्ज किया है और आंसू गैस के गोले दागे हैं | कुछ तस्वीरें आई हैं जिनमें बिना वर्दी के कुछ लोग भी डंडे से महिलाओं पर हमला कर रहे हैं | 

छात्रों और नागरिकों में भयंकर आक्रोश के मद्देनजर अब से रात नौ बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था जिसमे न सिर्फ जामिया के छात्र बल्कि जे.एन.यू और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ उनके शिक्षक संघ और स्थानीय लोग भी सड़क पर उतरे तो वहीं विपक्ष के तमाम राजनीतिक संगठन भी प्रदर्शन के समर्थन पर साथ खड़े दिखे |