कानपुर के सरकारी शिक्षकों ने सड़कों पर उतर कर किया विरोध प्रदर्शन Featured

Wednesday, 22 January 2020 06:33 Written by  Published in मुद्रा Read 373 times

उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के बैनर तले कानपुर के माध्यमिक व प्राथमिक के शिक्षकों ने एक दिवसीय हड़ताल कर विरोध दर्ज कराते हुए डीआईओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार के तीन साल के कार्यकाल में अब तक बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं शैक्षिक नीतियों की स्थिति निरंतर नीचे गिरती जा रही है | प्रदेश के लगभग 15,000 विद्यालयों को मर्ज कर लाखों प्रधानाअध्यापकों के पद समाप्त किए जा चुके हैं | तथा इटावा , मैनपुरी और मऊ जैसे तमाम जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं , अधिकारियों की तमाम शिकायतें शासन व विभाग में करने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है |

सेवा सुरक्षा बहाल करने की मांग : शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री हेमराज सिंह गौर ने कहा कि धारा 21 की खत्म करने से शिक्षकों की सेवाएँ असुरक्षित हुई हैं , इस धारा को बहाल किया जाए | वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली लागू की जाए | मंडलीय अध्यक्ष आरसी यादव ने पुरानी पेंशन बहाली और मेडिकल सुविधा निशुल्क दिए जाने की मांग की तथा प्रेरणा एप संविलियन को समाप्त करने की बात कही |

मुख्यमंत्री के नाम जेडी को सौंपा गया माँगपत्र : महासंघ की ओर से संयोजक राकेश तिवारी , प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश बाबू पांडे , मंत्री परमानंद शुक्ल , अनिल सचान , प्रवीण दीक्षित तथा मोहित मनोहर तिवारी आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नामित माँगपत्र संयुक्त शिक्षा निदेशक के॰के॰ गुप्ता को सौंपा जिसमे माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षकों की मांगों का उल्लेख किया गया है |