आईआईटी कानपुर का सर्वे, ब्रांड के नाम पर मिल रहे 20 फीसदी नकली उत्पाद Featured

Thursday, 28 May 2020 14:53 Written by  jScience desk Published in विज्ञान Read 144 times

फूड पैकेजिंग व फार्मास्युटिकल में सबसे अधिक डुप्लीकेट ब्रांडेड सामान, परिधानों से लेकर लीकर व पर्सनल केयर के भी ब्रांडेड प्रोडक्ट की नकल उपलब्ध

ब्रांड के नाम पर बाजार में फेक प्रोडक्ट (नकली उत्पादों) की भरमार है। एक सर्वे के मुताबिक बाजार में ब्रांडेड प्रोडक्ट के नाम पर 20 फीसदी डुप्लीकेट सामान मिल रहे हैं। इसमें सबसेअधिक डुप्लीकेसी फूड पैकेजिंग, फार्मास्युटिकल, परिधान व पर्सनल केयर (व्यूटी प्रोडक्ट) में हो रही है। घोखाधड़ी करने वाले ब्रांड और बार-काड का प्रयाग इतना बारीकी से को पहचान पाना मुश्किल होता है नकल बाजार में ऐसा कोई प्रोडक्ट नहीं है, जिसके फेक प्रोडक्ट नहीं आ रहे हो। इससे ब्रांडेड कंपनियां भी परेशान है तो उसे प्रयोग करने वाले लोग भी। फेक प्रोडक्ट के कारण कंपनियों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।

आईआईटी के वैज्ञानिकों ने इस समस्या का हल खोज निकाला है।

उन्होंने एक ऐसा 3 डीएस एंटी काउंटरफेटिंग तैयार किया है, जिससे फेक प्रोडक्ट को पहचानना आसान होगा | इस लेबल का डूब्लिकेट तैयार करना मश्किल है। इसको बनाने से पहले बाजार का एक सर्वे भी कराया गया। टीम ने अलग-अलग सेगमेंट - को देखते हुए सर्वे कराया था। इसके अनुसार सबसे अधिक फेक प्रोडक्ट फूड पैकेजिंग हैं। वहीं फामास्युटिकल और पर्सनल केयर (ब्यूटी प्रोडक्ट) के भी ट्रेड प्रोडक्ट के नाम पर काफी डुप्लीकेसी चल रही है |

ब्रांडेड ( ट्रेड) प्रोडक्ट के नाम पर बाजार में मिल रहे फेक प्रोडक्ट से आईआईटी छुटकारा दिलाएगा। संस्थान के वैज्ञानिक प्रो. दीपक गुप्ता और उनकी टीम ने उडीएस एंटी-काउटरफेटिंग तैयार किया है। यह 3 डायमेंशनल स्क्रीन तकनीक से बना है। इसी तरह का डुप्लीकेट बार-कोड तैयार करना बहुत मुश्किल है। इस कोड को बनाने के साथ वैज्ञानिकों ने एक मोबाइल एप भी तैयार किया है। इसका नाम चेको रखा है। इस एप के जरिए बार-कोड को आसानी से चेक कर सकते है। अगर बार-कोड सेम नही होगा तो स्कैन नहीं होगा। मतलब डुप्लीकेसी का पता चल जाएगा। बार-कोड स्कैन पर उपभोक्ता को प्रोडक्ट की डिटेल और डिस्काउंट के बारे में भी पूरी जानकारी मिल जाएगी। प्रो. दीपक के मुताबिक जल्द ही यह 3 डीएस लेबल विभिन्न ब्राडेड कंपनियों के जरिए बाजार में डुप्लीकेट को रोकने के लिए उपलब्ध होगा। कई कंपनियों से वार्ता चल रही है।