Monday, October 5, 2026

आज रात आकाश में दिखेगा शनि का अद्भुत नजारा, नक्षत्रशाला में विशेष रात्रि आकाश दर्शन कार्यक्रम

लखनऊ। आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए 4 अक्टूबर की रात खास होने जा रही है। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ की ओर से रविवार रात विशेष रात्रि आकाश दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शनि ग्रह प्रतियुति (Opposition) की स्थिति में होगा, जिसके चलते इसे पूरी रात आसानी से देखा जा सकेगा।

प्रतियुति की स्थिति में पृथ्वी सूर्य और शनि के बीच आ जाती है। परिणामस्वरूप शनि सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में दिखाई देता है और सूर्यास्त के आसपास पूर्वी आकाश में उदित होकर पूरी रात आकाश में नजर आता है। मध्यरात्रि के आसपास शनि आकाश में काफी ऊंचाई पर होगा, जिससे इसके अवलोकन का बेहतर अवसर मिलेगा।

नंगी आंखों से भी दिखाई देगा शनि

4 अक्टूबर की रात शनि ग्रह लगभग +0.3 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। सामान्य रूप से इसे नंगी आंखों से एक चमकीले तारे जैसे पिंड के रूप में पहचाना जा सकता है। हालांकि, दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर शनि के प्रसिद्ध छल्लों का शानदार दृश्य दिखाई देगा। प्रतियुति के आसपास शनि के छल्लों की चमक में होने वाली वृद्धि को सीलीगर इफेक्ट (Seeliger Effect) कहा जाता है।

चंद्रमा के साथ दिखेंगे मंगल, कैस्टर और पोलक्स

4 अक्टूबर की रात से 5 अक्टूबर की भोर तक पूर्वी आकाश में चंद्रमा के साथ कैस्टर और पोलक्स तारे तथा मंगल ग्रह भी दिखाई देंगे। इसके बाद 6 अक्टूबर की भोर में पतला चंद्रमा चमकीले बृहस्पति ग्रह के बेहद करीब नजर आएगा। इस तरह अक्टूबर के पहले सप्ताह में आकाश प्रेमियों को कई आकर्षक खगोलीय घटनाओं को देखने का अवसर मिलेगा।

दूरबीन से कराया जाएगा खगोलीय पिंडों का अवलोकन

इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला की ओर से स्थापित की गई तथा स्थापित की जा रही दूरबीनों के माध्यम से आगंतुकों को शनि सहित अन्य खगोलीय पिंडों का अवलोकन कराया जाएगा। इसके साथ ही 4 अक्टूबर को नक्षत्रशाला में सूर्य दर्शन कार्यक्रम भी आयोजित होगा। विशेष सौर फिल्टरयुक्त उपकरणों की सहायता से लोगों को सूर्य का सुरक्षित अवलोकन कराया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद खगोल वैज्ञानिक और विशेषज्ञ आमजन की खगोल विज्ञान से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। कार्यक्रम का संचालन इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला द्वारा संचालित एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के माध्यम से किया जाएगा।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के निदेशक श्री रमेश चंद्र ने कहा कि परिषद की ओर से आने वाले समय में लखनऊ के विभिन्न स्थानों पर खगोलीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है।

 

Advertisement
Gold And Silver Updates
Rashifal
Market Live
Latest news
अन्य खबरे