NEP के बाद प्राइवेट डिग्री बंद, कामकाजी और वंचित वर्गों के लिए दूरस्थ शिक्षा बनी नया सहारा, बिना मैथ्स के भी कर सकेंगे BCA
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर का सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (C-DOE) समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक उच्च शिक्षा पहुँचा रहा है। केंद्र में जुलाई 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रवेश की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 है। इच्छुक अभ्यर्थी https://csjmu.ac.in/decode पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) लागू होने के बाद प्राइवेट माध्यम से डिग्री लेने की व्यवस्था समाप्त हो गई है। ऐसे में नौकरीपेशा, गृहिणी, ग्रामीण युवा, श्रमिक और उच्च शिक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं के लिए C-DOE एकमात्र विकल्प के रूप में उभरा है। यहाँ काम करते हुए पढ़ाई पूरी करने की सुविधा है।
बिना गणित के BCA की सुविधा C-DOE में परंपरागत और व्यावसायिक दोनों तरह के कोर्स उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि इंटर में गणित न होने पर भी छात्र BCA में प्रवेश ले सकते हैं।
संचालित प्रमुख पाठ्यक्रम: बीए, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, एमए, एमकॉम, एमबीए और एमसीए।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि C-DOE का मूल दर्शन ‘सबके लिए शिक्षा’ है। केंद्र का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा देना है। डिजिटल कंटेंट, ऑनलाइन क्लास और लचीली परीक्षा प्रणाली के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा घर बैठे दी जा रही है।
सैनिकों और महिलाओं के लिए विशेष पहल
केंद्र ने सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, फतेहगढ़ के साथ MoU किया है, जिसके तहत सेना के जवानों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों को विशेष शुल्क रियायत के साथ उच्च शिक्षा दी जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह घर बैठे डिग्री हासिल करने का बड़ा माध्यम बना है। गौरतलब है कि C-DOE को अपनी समावेशी शिक्षा पहल के चलते देश के प्रमुख दूरस्थ शिक्षा केंद्रों में गिना जा रहा है।




