कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने कला और रंगमंच के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स के संगीत विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026 से बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (थिएटर) पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है।
तीन वर्ष की अवधि वाले इस स्नातक पाठ्यक्रम में कुल छह सेमेस्टर होंगे। कोर्स में प्रवेश के लिए किसी भी विषय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने इस पाठ्यक्रम में केवल 20 सीटें निर्धारित की हैं, ताकि विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। वार्षिक शुल्क 16,200 रुपये रखा गया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार यह पाठ्यक्रम केवल अभिनय तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें रंगमंच के विभिन्न आयामों को शामिल किया गया है। विद्यार्थियों को अभिनय, निर्देशन, नाट्य लेखन, मंच सज्जा, थिएटर इतिहास, संगीत, वॉयस ट्रेनिंग, योग, कलारीपयट्टू, नाट्यशास्त्र तथा डिजिटल मीडिया जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। पाठ्यक्रम का बड़ा हिस्सा व्यावहारिक गतिविधियों और मंचीय प्रस्तुतियों पर आधारित होगा।
उत्तर भारत में विश्वविद्यालय स्तर पर थिएटर शिक्षा के अवसर अपेक्षाकृत कम होने के कारण यह कोर्स क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे स्थानीय प्रतिभाओं को पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
कोर्स पूरा करने के बाद विद्यार्थी अभिनेता, निर्देशक, नाटककार, थिएटर प्रशिक्षक, स्क्रिप्ट राइटर, सहायक निर्देशक, सांस्कृतिक परियोजना समन्वयक और कला प्रबंधक जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकेंगे। इसके अतिरिक्त वे अपनी थिएटर संस्था स्थापित करने या उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं।
संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि गोरे ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य कला शिक्षा को अधिक व्यवस्थित, अनुभवात्मक और वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है। उनके अनुसार यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल कुशल कलाकार ही नहीं बल्कि संवेदनशील और अभिव्यक्तिशील नागरिक के रूप में भी विकसित करेगा।विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया है कि प्रवेश प्रक्रिया, तिथियों और अन्य प्रशासनिक जानकारी से संबंधित विस्तृत अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी।




